Hindi Poem from Avyakt murli. Murli se ek Kavita 19 September 1972. To read more Hindi poems written, visit Murli Poems page.
_*19.09.72 की मुरली पर आधारित कविता.*
*मजबूरियों को समाप्त करने क साधन -मज़बूती*
✺ अचल, अडोल,अथक, महावीर स्थिति को *प्राप्त किया है?••••*
✺ मज़बूती से मजबूरियों को *समाप्त किया है?••••*
✺ अपने अंतिम साक्षीपन, हर्षितमुख, न्यारी और अति प्यारी स्थिति के *समीप आ रहे हो?••••*
✺ या साइड-सीन देखकर ,सतयुगी नजारो से *दूर जा रहे हो••••*
✺ अगर लक्ष्य मजबूत है तो लक्षण भी *आ जाते हैं।••••*
✺ कल्प पहले की स्मृति तभी तो,भक्तगण,अब तक *गाऐ जाते है ••••*
✺ अंगद समान बुद्धि रूपी पांव को एक बाप की याद में *अचल कर दो••••*
✺ कैसे भी जोर से माया हिलावें लेकिन बेहद के वैरागवृति से ‘नष्टोमोहा स्मृतिस्वरूप’ *में बदल दो••••*
✺ मधुबन-निवासी है ही, मधुरमूर्त और *बेहद के वैराग्यमूर्त।••••*
✺ गम्भीरता मे रमणीकता , लाइट-हाऊस हैं, *विश्व के उद्धार मूर्त ••••*
✺ वह समय भी अब दूर नहीं जबकि सब लौकिक *आत्माऐ जागेंगे, तड़पेंगे••••*
✺ रोयेंगे, पश्चाताप करेंगे लेकिन फिर भी *पा न सकेंगे••••*
✺ अपने श्रेष्ठ भाग्य का प्रत्यक्ष रूप में *साक्षात्कार आपको होगा••••*,
✺ हम तो पहले से ही पहचान कर अधिकारी बन गये हैं,आपको अपने ऊपर कितना नाज़ होगा••••*
✺ पेपर तो अचानक आवेंगे, पुरूषार्थ प्रमाण ट्रान्सपेरेन्ट रूप में *साक्षी दृष्टा का पार्ट हो••••*
✺ चाहे रमणीक पार्ट हो, चाहे कोई स्नेही आत्मा का गम्भीर पार्ट भी हो तो भी *साक्षी होने का आर्ट हो••••*
✺ समय की सूचना देने लिये अब तक भी, आपके जड़ चित्रों के *आगे घंटी बजाते हैं।••••*
✺ और मधुबन निवासियों से विशेष सूक्ष्म सर्विस की मशीनरी से *वृत्ति, वायु मण्डल, और *वाइब्रेशन चेंज हो जाते है।••••*
✺ लास्ट फाइनल पेपर में अगर ज़रा-सा फ्लॉ आ गया *तो फेल हो जावेंगे।•••*
✺ ग्यान की गहराई ही, घबराहट और स्वस्थिति को परखने का थर्मामीटर हैं, जिससे सब भव सागर से *सेल हो जावेगे••••*
ओमशान्ति
